- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
महाकाल मंदिर में श्रद्धालु ने मचाया उत्पात
उज्जैन:महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा के लिये मंदिर समिति द्वारा सुबह 11 से शाम 4 बजे तक गर्भगृह से दर्शन कराने का निर्णय लिया गया है। यह सुविधा अभी प्रायौगिक तौर पर शुरू की गई है। शुक्रवार सुबह भीड़ अधिक होने से र्भगृह में दर्शन रोके गए थे। इसी दौरान उत्तरप्रदेश के श्रद्धालु ने नंदी हॉल में जमकर उत्पात मचाया। वह सुरक्षा कर्मियों से गर्भगृह में जाने की जिद कर रहा था। रोकने पर वह बैरिकेड्स फांदकर अंदर जाने की कोशिश में घायल भी हुआ। इस कारण मंदिर की दर्शन व्यवस्था भी गड़बड़ा गई।
विपिन कुमार पिता जयपाल निवासी बिनौली बागपत यूपी सुबह सोला और बनियान पहनकर हाथ में जल से भरा लौटा लिए दर्शन के लिए पहुंचा था। यहां नंदीगृह में पहुंचने के बाद विपिन गर्भगृह में जाने की जिद करने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बताया गर्भगृह में प्रवेश वर्जित है और सिर्फ सशुल्क पास वाले लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी और बैरिकेड्स फांदकर गर्भगृह में जाने का प्रयास करने लगा। इसकी सूचना मंदिर चौकी पर दी गई।
यहां से पुलिसकर्मी नंदी हॉल पहुंचे व विपिन को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब 30 से 40 मिनट तक दर्शनार्थियों की कतार एक ही जगह खड़ी रही और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जब विपिन नहीं माना तो उसे पुलिसकर्मी बाहर लाने लगे जिसमें उसके चेहरे पर चोट भी आई। मशक्कत के बाद पुलिसकर्मी विपिन को नंदीगृह से पकड़कर चौकी लाये। यहां विपिन का रुख बदल गया और उसने अधिकारियों व मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों के सामने माफी मांगी व लिखित में भी दिया जिसके बाद दर्शन कराने के बाद रवाना कर दिया।